रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता रतन दुबे की हत्या के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने दो माओवादियों शिवानंद नाग और उसके पिता नारायण प्रसाद नाग के खिलाफ विशेष एनआईए अदालत, जगदलपुर में दूसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है।
अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी दी कि दोनों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच में यह सामने आया कि दोनों दुबे की हत्या की साजिश और उसे अंजाम देने में सक्रिय रूप से शामिल थे।
एनआईए की जांच रिपोर्ट के अनुसार, शिवानंद नाग प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का सक्रिय सदस्य था। उसकी रतन दुबे के साथ राजनीतिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत स्तर पर पुरानी रंजिश थी।
गौरतलब है कि नवंबर 2023 में भाजपा की नारायणपुर इकाई के उपाध्यक्ष रतन दुबे की हत्या नारायणपुर जिले के झारा घाटी क्षेत्र स्थित कौशलनार गांव के एक साप्ताहिक बाजार में चुनाव प्रचार के दौरान की गई थी। आरोपियों ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला किया था।
एनआईए के अनुसार, यह एक लक्षित हमला था, जिसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालना और स्थानीय लोगों में दहशत फैलाना था।
जांच एजेंसी ने बताया कि माओवादियों के पूर्वी बस्तर डिवीजन की बयानार एरिया कमेटी और बारसूर एरिया कमेटी के सदस्यों समेत उनके मददगारों की भूमिका इस हत्या में रही।
फरवरी 2024 में इस केस की जांच अपने हाथ में लेने के बाद से अब तक एनआईए एक मुख्य आरोपपत्र और दो पूरक आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। यह मामला बस्तर क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क और चुनावी हिंसा को समझने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।







