नागपुर। इस समय ईरान, अमेरिका और इजरायल के युद्ध का हर्जाना आम जनता भुगत रही है। कई जगह इसका व्यापक असर भी दिखने लगा है। शासन का कहना है कि पेट्रोलियम और गैस के हालात ठीक हैं, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर न मिलने और घरेलू सिलेंडर पर 25 दिन की अनिवार्यता करने की वजह से जनता काफी परेशान है। गैस सिलेंडर गोदाम के बाहर लोगों की लंबी कतारें नजर आने लगी हैं।
इस परेशानी का शहर की फूड इंडस्ट्री के अलावा रोजमर्रा बाहर खाने वालों को भी बड़ा झटका लगा है। सिलेंडर की कमी के चलते कई होटल बंद हो गए हैं। कई बड़े होटलों के पास भी कुछ ही घंटों की सप्लाई बची है। होटल संचालकों का कहना है कि अगर अगले 3 दिनों तक गैस की कमी जारी रही, तो 50 फीसदी होटल बंद होने की संभावना है।
उद्योगों और कंपनियों को भारी नुकसान
युद्ध के कारण प्लास्टिक उद्योग में आवश्यक कच्चे माल की कीमत 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है और उद्यमी आर्थिक संकट में हैं। बढ़ती कीमतों के कारण कच्चे माल की खरीद में असमर्थ होने के कारण उद्यमियों के लिए अब अपनी कंपनियां बंद करने का समय आ गया है। उद्यमियों का मानना है कि प्लास्टिक कंपनियों द्वारा आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होने के कारण कीमतों में वृद्धि हुई है।
व्यावसायिक गैस की कमी का सीधा असर उद्योगों पर पड़ा है। पहले कई कंपनियां दो शिफ्टों में काम करती थीं, लेकिन गैस की कमी के कारण अब कई जगहों पर सिर्फ एक शिफ्ट में काम चल रहा है। अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही और व्यावसायिक गैस की कमी जारी रही, तो कंपनी मालिकों ने आशंका जताई है कि अगले दो-तीन दिनों में कुछ कंपनियों का कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता है।









