नई दिल्ली। मनरेगा कानून का नाम बदलकर अब वीबी-जी राम जी (VB-G RAM J) हो गया है। इसके विरोध में कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम आंदोलन करने का ऐलान किया है। इसकी निगरानी के लिए अजय माकन की अध्यक्षता में एक को-ऑर्डिनेशन कमेटी बनाई गई है। इसमें जयराम रमेश, प्रियंका जरग, संदीप दीक्षित, उदित राज और अन्य नेताओं को शामिल किया गया है। 10 जनवरी से कांग्रेस का मनरेगा बचाओ अभियान चलेगा।
कांग्रेस का आरोप है कि नया वीबी-जी राम जी एक्ट मनरेगा की आत्मा को खत्म कर रहा है, जिससे काम का अधिकार अब कानूनी हक नहीं रहेगा। इसके साथ ही इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने को भी पार्टी ने बड़ा मुद्दा बनाया है।
मनरेगा बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता मोदी सरकार के नए कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। पंचायत से पार्लियामेंट तक यह आंदोलन चलेगा। वीबी-जी राम जी का पूरा नाम ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण’ है। मनरेगा कानून की जगह इसे नया नाम दिया गया है। पिछले साल दिसंबर में इसे संसद से पास किया गया। कुछ दिन बाद राष्ट्रपति ने भी इसे मंजूरी दे दी। इसके बाद यह अब कानून बन चुका है। इस योजना का मकसद 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। यह योजना गांवों में रोजगार देने के साथ-साथ वहां आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए लाई गई है। इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है। संसद में इसको लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ। बावजूद इसके यह बिल अब कानून बन चुका है। कांग्रेस अभी भी इसके खिलाफ है।









