नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की कक्षा आठ की उन किताबों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर एक अध्याय शामिल है। पहले भेजी गई किताब वापस लेने और डिजिटल कॉपियां हटाने का आदेश भी दिया।
कोर्ट ने इस मामले में एनसीईआरटी डायरेक्टर और केंद्रीय शिक्षा सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सिलेबस से जुड़ी बैठकों की कार्यवाही और विवादित चैप्टर लिखने वाले लेखकों के नाम और उनकी योग्यता बताने को भी कहा है। न्यायालय ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह न्यायपालिका को बदनाम करने के इरादे से की गई सुनियोजित साजिश है। साथ ही अदालत ने भ्रष्टाचार पर अध्याय से संबंधित कक्षा आठ की सभी किताबों, उनकी प्रतियों और डिजिटल स्वरूपों को जब्त करने का आदेश दिया।
CJI (सीजेआई) ने कहा- जिम्मेदार लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गहराई से जांच होगी और केस बंद नहीं होगा। एनसीईआरटी पर अवमानना की कार्रवाई भी हो सकती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने खुद नोटिस लिया है। अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी। बुधवार को सीजेआई की फटकार के बाद एनसीईआरटी ने इस मामले में माफी मांग ली थी। इस मामले में सरकारी सूत्रों ने कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित आंकड़े संसदीय अभिलेखों और नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड में मौजूद हैं, लेकिन टेक्स्ट के क्रॉस वेरिफिकेशन के लिए केंद्र से परामर्श नहीं लिया गया।











