लोकवाहिनी संवाददाता:पुणे। पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली शिवनेरी किला है। यहाँ शिवजयंती के दौरान गुरुवार को भारी भीड़ उमड़ी, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। भगदड़ में महिलाओं और छोटे बच्चों सहित कई श्रद्धालु घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल जुन्नर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुणे जिले के जुन्नर तालुका में स्थित किला शिवनेरी छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली होने के कारण शिवजयंती पर यहाँ हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। इस बार भी महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से ‘शिवज्योति’ लेकर आए युवक, सामाजिक-धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ता और दर्शनार्थियों की भीड़ देर रात से ही किले पर जमा होने लगी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शिवनेरी किले में भारी भीड़ के बीच एक रेलिंग टूट गई थी, जिससे भगदड़ मच गई। एसपी संतोष सिंह (संदर्भानुसार सुधार) ने कहा कि तीन से चार लोगों को चोटें आई हैं। किसी को गंभीर चोट नहीं आई है और स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। वहीं, स्थानीय लोगों की मानें तो घायलों की संख्या बढ़ सकती है।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अंबरखाना के नीचे स्थित हाथी दरवाजा क्षेत्र और गणेश दरवाजा जैसे संकरे रास्तों पर अचानक भीड़ जमा हो गई। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के आगे बढ़ने से धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कुछ लोग संतुलन खोकर गिर पड़े। इससे पीछे से आ रही भीड़ का दबाव और बढ़ गया और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना के दौरान महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को चोटें आईं और कुछ श्रद्धालु बेहोश भी हो गए।
मौके पर मौजूद स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को भीड़ से बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। इसके बाद प्रशासन की ओर से सभी घायलों को जुन्नर के सरकारी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत स्थिर है।
घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि शिवजयंती जैसे बड़े आयोजन में हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है, इसके बावजूद भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। संकरे मार्गों पर बैरिकेडिंग और पर्याप्त पुलिस तैनाती पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।








