सांगली जिले के ऐतवडे बुद्रुक में स्थित कर्मवीर भाऊराव पाटील हायस्कूल और कनिष्ठ महाविद्यालय के विद्यार्थियों को आज शिक्षा प्राप्त करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है। स्कूल तक पहुंचने वाला मुख्य मार्ग लगभग 2–2.5 किलोमीटर लंबा है, जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है और जगह-जगह एक से दो फीट गहरे गड्ढे पड़े हैं।
बारिश के मौसम में यह रस्ता और भी खतरनाक हो जाता है। इसके कारण विद्यार्थी कई बार 5–6 किलोमीटर का फेरा मारकर या साइकिल पर जोखिम उठाकर स्कूल पहुंच रहे हैं। कई छोटे-मोटे दुर्घटनाएँ भी हो रही हैं, जिससे पालकों में चिंता का माहौल है।
यह रस्ता लगभग 20–21 साल पहले माजी विधायक शिवाजीराव नाईक के प्रयास से बनाया गया था। उस समय स्कूल में छात्र संख्या अधिक थी, लेकिन वर्षों से कोई मरम्मत नहीं होने के कारण रस्ते की स्थिति खस्ता हो गई है। ओढे पर पुल न होने से बारिश के दिनों में विद्यार्थियों के हाल और भी खराब हो जाते हैं।
ग्रामस्थों और अभिभावकों का कहना है कि यदि रस्ते की मरम्मत और ओढे पर पुल नहीं बनाया गया तो विद्यार्थियों की संख्या कम होने का खतरा है, जिससे शिक्षण महर्षी कर्मवीर भाऊराव पाटील के शिक्षा मिशन को भी नुकसान पहुंचेगा।
स्थानीय लोगों ने सरकार और लोकप्रतिनिधियों से त्वरित कार्यवाही की अपील की है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।








