नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में दार्जिलिंग की पहाड़ियों में शनिवार को लगातार भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ, जिससे अब तक कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य लोग लापता हैं। भूस्खलन के कारण कई मकान बह गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं और दूरदराज के गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया।
दार्जिलिंग उप-मंडलीय अधिकारी (एसडीओ) रिचर्ड लेप्चा ने बताया कि पुलिस, स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ की मदद से बचाव और राहत अभियान जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में सरसली, जसबीरगांव, मिरिक बस्ती, धार गांव (मेची), नागराकाटा और मिरिक झील क्षेत्र शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की और कहा कि वह 6 अक्टूबर को उत्तर बंगाल का दौरा करेंगी, ताकि प्रभावित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जा सके। उन्होंने बताया कि केवल 12 घंटों में 300 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई, जिससे कम से कम सात जगहों पर भयंकर भूस्खलन और बाढ़ आई। मुख्यमंत्री ने पर्यटकों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और सुरक्षित स्थान पर बने रहें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी एक्स पर लिखा कि दार्जिलिंग में पुल दुर्घटना और भूस्खलन में हुई मौतों से उन्हें गहरा दुःख है। उन्होंने कहा,
“भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हम प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने स्थिति को “चिंताजनक” बताया और रिपोर्ट के अनुसार मिरिक में 11 और दार्जिलिंग में 9 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, राहत और खोज-बचाव अभियान जारी होने के कारण संख्या में बदलाव की संभावना है।
भूस्खलन और सड़क मार्ग पर अवरोधों के कारण प्रमुख मार्ग जैसे मिरिक-सुखियापोखरी सड़क और सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग मार्ग प्रभावित हैं। एनडीआरएफ ने मिरिक के एक गांव को जलमग्न होने की चेतावनी दी है।
नागराकाटा के धार गांव में भारी मलबे से कम से कम 40 लोगों को बचाया गया। बचाव कार्य में भारी फिसलन और भूस्खलन के चलते कठिनाइयां आ रही हैं।
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर मदद कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री बनर्जी दोनों ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षा, राहत और मुआवजे का भरोसा दिया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और आसपास के उप-हिमालयी क्षेत्रों में 6 अक्टूबर तक अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है।
मौसम और मिट्टी की नाजुक स्थिति को देखते हुए और अधिक भूस्खलन और सड़क अवरोध की संभावना बनी हुई है।
इस प्रकार, लगातार बारिश और भूस्खलन ने दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों में मानव और संपत्ति दोनों का गंभीर नुकसान पहुंचाया है और राज्य व केंद्र सरकार मिलकर प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करने में जुटी हैं।







