नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय में आज तीन नए न्यायाधीशों ने कार्यभार संभाल लिया है। न्यायमूर्ति दिनेश मेहता, न्यायमूर्ति अवनीश झिंगन और न्यायमूर्ति चंद्रशेखरन सुधा ने मंगलवार को हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय के समक्ष पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है।
न्यायमूर्ति दिनेश मेहता और न्यायमूर्ति अवनीश झिंगन को राजस्थान हाई कोर्ट से स्थानांतरित कर दिल्ली भेजा गया है, जबकि न्यायमूर्ति चंद्रशेखरन सुधा अब तक केरल हाई कोर्ट में अपनी सेवाएँ दे रही थीं। तीनों के ट्रांसफर की अधिसूचना केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद 14 अक्टूबर को जारी की थी।
दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या लगातार बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है। कुछ ही दिन पहले छह अन्य न्यायाधीश — न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव, न्यायमूर्ति नितिन वासुदेव साम्ब्रे, न्यायमूर्ति विवेक चौधरी, न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला, न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और न्यायमूर्ति अरुण कुमार मोंगा — भी विभिन्न उच्च न्यायालयों से स्थानांतरण के बाद दिल्ली में शपथ ले चुके हैं। इनमें से दिलचस्प पहलू यह रहा कि जुलाई में दिल्ली में पदभार संभाल चुके न्यायमूर्ति अरुण कुमार मोंगा को नई पोस्टिंग के तहत राजस्थान हाई कोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया है।
डीजलिंग मामलों की भारी संख्या को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में जजों की बढ़ती तैनाती न्यायपालिका की गति और न्याय उपलब्धता को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और आम लोगों को न्याय पाने की प्रक्रिया और भी सुगम होगी।









