चुनाव नहीं, दबाव की राजनीति – आव्हाड का आरोप
पुलिस और पैसों से कुचला जा रहा लोकतंत्र
निर्विरोध उम्मीदवारों को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र आव्हाड ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आव्हाड ने कहा कि निर्विरोध चुनाव लोकतंत्र की हत्या का नया फॉर्मूला बन चुका है। सत्ताधारी दल पुलिस तंत्र और भारी मात्रा में पैसों का दुरुपयोग कर बिना चुनाव लड़े ही सत्ता हासिल कर रहा है, जो बेहद खतरनाक संकेत है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका पर भी बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो रहा है। यदि निर्विरोध चुनाव ही कराए जाने हैं, तो फिर लोकतंत्र, चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों का क्या अर्थ रह जाता है? आव्हाड ने आरोप लगाया कि दबाव, डर और धनबल के जरिए उम्मीदवारों से नामांकन वापस कराए जा रहे हैं, जिससे जनता को मतदान का अधिकार ही नहीं मिल पा रहा।
आव्हाड ने आगे कहा कि देश में जाति और धर्म के नाम पर की जा रही राजनीति समाज को तोड़ने का काम कर रही है। भारत ने वर्षों तक जाति और वर्ण व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष किया है, लेकिन आज फिर उसी दिशा में राजनीति को मोड़ा जा रहा है। यह प्रवृत्ति देश को पीछे ले जाएगी और इसके गंभीर परिणाम आने वाले समय में पूरे देश को भुगतने पड़ेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में पैसों का सैलाब आ गया है और इस धन का उपयोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कुचलने के लिए किया जा रहा है। लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव अनिवार्य हैं, लेकिन आज चुनाव ही खत्म करने की साजिश चल रही है। अगर यही स्थिति रही, तो जनता का व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा, जो किसी भी लोकतंत्र के लिए बेहद घातक है।






