महाराष्ट्र के धुले जिले में प्रकल्पग्रस्त किसानों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखा आंदोलन शुरू कर दिया है। जिले के शिंदखेडा तहसील के विखरण क्षेत्र में किसानों ने पानी की टंकी पर चढ़कर ‘शोले स्टाइल’ में विरोध प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, यहां औष्णिक ऊर्जा परियोजना के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। उस समय प्रकल्पग्रस्त परिवारों को यह आश्वासन दिया गया था कि हर प्रभावित परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। लेकिन किसानों का आरोप है कि कई साल बीत जाने के बावजूद यह वादा अब तक पूरा नहीं किया गया।
किसानों का कहना है कि टाटा पॉवर सोलर आणि महाराष्ट्र राज्य वीज निर्मिती कंपनी की नीतियों के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। इसी के विरोध में किसानों ने यह अनोखा आंदोलन शुरू किया है।
आंदोलन में शामिल संदीप पाटील, रविंद्र पाटील, प्रदीप पाटील और उत्तम ठाकरे ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया। उनका कहना है कि जब तक प्रकल्पग्रस्त परिवारों की लंबित मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उन्हें न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की भी चिंता बढ़ गई है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि किसानों की मांगों पर सरकार और कंपनियां क्या फैसला लेती हैं।








