लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नहीं खोला गया, तो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और पुलों पर हमले किए जाएंगे। ट्रंप ने रविवार सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर जलमार्ग को समुद्री यातायात के लिए नहीं खोला गया, तो ईरान को ‘नरक’ में भेज दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर बेहद तीखी भाषा में पोस्ट करते हुए ईरान को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ खोलने की चेतावनी दी और कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो बड़े हमले किए जाएंगे।
ईरान ने अल्टीमेटम ठुकराया
ईरान ने ट्रंप के 48 घंटे में होर्मुज खोलने के अल्टीमेटम को ठुकरा दिया है। ईरानी सेना ने कहा है कि अमेरिका बेबस होकर और घबराकर धमकियां दे रहा है। ट्रंप ने ईरान को होर्मुज खोलने या समझौता करने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि समय खत्म हो रहा है और ऐसा नहीं होने पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाएगा।
ईरान ने बहरीन-कुवैत में पेट्रोकेमिकल प्लांट्स पर हमले की जिम्मेदारी ली
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि बहरीन और कुवैत के पेट्रोकेमिकल प्लांट्स पर हमले किए गए हैं। IRGC के मुताबिक, तेहरान के पास कराज शहर में पुल और यूनिवर्सिटी पर हुए हमलों के बाद यह जवाबी हमला किया गया। IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर आम लोगों या सिविल जगहों पर फिर से हमला हुआ, तो अगली बार ईरान और ज्यादा ताकत से जवाब देगा।
ईरान के पहाड़ों में छिपा था अमेरिकी पायलट, बचाया गया
अमेरिका ने रविवार सुबह कहा कि ईरान द्वारा उसके लड़ाकू विमान को मार गिराए जाने के बाद से लापता अमेरिकी सैन्यकर्मी को बचा लिया गया है। अमेरिका के एक F-15 फाइटर जेट को ईरान के ऊपर मार गिराए जाने के 36 घंटे बाद उसके दोनों पायलटों को अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने बचा लिया है।
शनिवार को स्पेशल कमांडो यूनिट ने दर्जनों लड़ाकू विमानों के साथ ईरान में ऑपरेशन चलाया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी फोर्स को उस इलाके तक पहुँचने से रोकने के लिए हमले भी किए। इस दौरान भारी गोलीबारी हुई, लेकिन अंत में अमेरिकी टीम पायलट को सुरक्षित निकालने में सफल रही और सभी सैनिक ईरान से बाहर आ गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी ‘खोज और बचाव’ (Search and Rescue) ऑपरेशन करार दिया है।








