लोकवाहिनी, संवाददाता नागपुर। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) ने कार्रवाई करते हुए नागपुर व भोपाल के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की है। इस कार्रवाई में कई नेताओं और व्यापारियों के घर तलाशी ली गई है। यह कार्रवाई धन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई है।
ईडी की टीम ने खापा क्षेत्र में अमित रॉय के घर पर छापेमारी की। वहीं सावनेर इलाके में प्रफुल्ल कापसे, विनोद गुप्ता, लक्ष्मीकांत सातपुते और रवि कोलते के घरों पर भी तलाशी ली गई। इसके अलावा पाटणसावंगी में नरेंद्र पिंपलें, शरद रॉय और एक अमित रॉय के घर पर भी ईडी की टीम ने जांच की। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नागपुर जिला अध्यक्ष उत्तम कापसे (यूबीटी) के आवास और कार्यालय की भी तलाशी ली है।
हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से किसी भी व्यक्ति के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ईडी की टीम ने सावनेर, खापा और पाटणसावंगी क्षेत्र में कुल 56 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। इस कार्रवाई से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
यह मामला उस समय से संबंधित है जब अमितेश कुमार नागपुर के तत्कालीन पुलिस आयुक्त थे और उन्होंने जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ एक सख्त अभियान शुरू किया था। बाद में, इस मामले को मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच के लिए ईडी को सौंप दिया गया, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने जांच को और तेज कर दिया। जांच में शामिल अधिकारियों के अनुसार, ईडी बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन, बेनामी संपत्तियों और अवैध रेत खनन से प्राप्त कथित आपराधिक आय की जांच कर रही है। तलाशी के दौरान दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी जब्त किए गए।
नागपुर और आसपास के इलाकों में रेत माफिया पर बड़ी कार्रवाई की गई। शुक्रवार सुबह से प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने कई जगहों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई नागपुर, कामठी, सावनेर और भोपाल में की गई है। जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में चल रहे रेत माफिया के नेटवर्क को निशाना बनाया है। सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में 50 से ज्यादा आरोपी शामिल हैं। इन लोगों ने मिलकर महाराष्ट्र सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुँचाया है। रेत की अवैध खुदाई और बोगस रॉयल्टी के जरिए यह काम किया गया। यह एक अंतरराज्यीय नेटवर्क है जो दो राज्यों में फैला हुआ है।








