लोकवाहिनी, संवाददाता नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर (SIR) को लेकर एक बार फिर चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा। सोमवार को एसआईआर प्रभावित परिवारों और पार्टी नेताओं के साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलीं। मुलाकात के बाद चुनाव आयोग के ऑफिस से बाहर आकर उन्होंने कहा, “मैं बहुत दुखी हूँ। मैं बहुत लंबे समय से दिल्ली की राजनीति में शामिल हूँ। मैं 4 बार मंत्री और 7 बार सांसद रही हूँ। लेकिन, मैंने ऐसा अहकारी और झूठा चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी कुर्सी की इज्जत करती हूँ क्योंकि कोई भी कुर्सी किसी के लिए स्थायी नहीं होती। एक दिन आपको जाना ही होगा। बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? चुनाव लोकतंत्र में एक त्योहार होते हैं, लेकिन आपने 98 लाख लोगों के नाम हटा दिए और उन्हें अपना बचाव करने का मौका नहीं दिया।”
ममता बनर्जी चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रोकने की मांग कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने चुनाव आयोग से मुलाकात का समय मांगा था, जिस पर आयोग ने उन्हें सोमवार (2 फरवरी) का समय दिया था। चुनाव आयोग से मुलाकात से पहले ममता बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि बंगाल के लोग निर्वाचन आयोग के सामने अपनी समस्याएं उठाने आए हैं, लेकिन उन्हें ‘धमकी’ दी जा रही है। उन्होंने बंग भवन परिसर के बाहर भारी पुलिस तैनाती पर भी सवाल उठाया है। सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित करीब 50 परिवारों को दिल्ली लाया गया है।










