नवी मुंबई:नवी मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के वरिष्ठ नेता बाला नांदगांवकर ने मौजूदा राजनीतिक हालात, आरक्षण सोडती और कल्याण-डोंबिवली महापालिका को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी संभव है, लेकिन “छगलेरी”, यानी नियमों से हटकर की गई राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती।
आरक्षण सोडती को लेकर नांदगांवकर ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि मुंबई में इस बार ओपन कैटेगरी का आरक्षण नहीं डाला जाना चाहिए था। नियमों के अनुसार SC, ST और OBC—तीनों वर्गों का आरक्षण डालना जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जब आपके पास ST उम्मीदवार नहीं है, तो नियमों से समझौता करना गलत है। ठाकरे गुट की ओर से उठाया गया आक्षेप पूरी तरह सही है और मनसे ने भी इस पर आपत्ति दर्ज कराई है।
बाला नांदगांवकर ने कहा कि सभी चिट्ठियां डालना अनिवार्य था, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नियमों की अनदेखी हो रही है, तो फिर व्यवस्था पर भरोसा कैसे किया जाए। अब जब लॉटरी निकल चुकी है, तो पार्टी इस विषय पर मुंबई के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेगी।
कल्याण-डोंबिवली महापालिका को लेकर बोलते हुए उन्होंने बताया कि संजय राऊत और राज ठाकरे के बीच बैठक हो चुकी है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर अलग-अलग फैसले लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई भी किसी का स्थायी दुश्मन नहीं होता, लेकिन नियमों से हटकर की गई राजनीति उन्हें व्यक्तिगत रूप से स्वीकार नहीं है। यह उनकी स्पष्ट और व्यक्तिगत भूमिका है।









