लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा कि मैं फालतू पेपरवर्क और 30-40 पेज के फॉर्म का कल्चर खत्म करना चाहता हूं। हमें नागरिकों के दरवाजे पर सर्विस देनी होगी, बार-बार डेटा जमा करने की जरूरत को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए, उन्हें असुविधा नहीं होनी चाहिए। नियम और कानून अच्छे हैं, लेकिन सिस्टम को ठीक करने के लिए लोगों को परेशान करना सही नहीं है।
पीएम ने यह बात संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग (एनडीई) की संसदीय दल की बैठक में मंत्रियों और सांसदों से कही। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत पर प्रधानमंत्री का माला पहनाकर सम्मान किया गया। इस दौरान उन्होंने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी तारीफ की। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने बैठक को लेकर बताया कि पीएम मोदी ने सारे सांसदों को देश के अपने राज्य के लिए क्षेत्र के लिए क्या-क्या करना है उस पर अपनी बात रखी। इसके साथ ही रिफॉर्म पर जोर दिया है। केवल आर्थिक नहीं बल्कि हर क्षेत्र में रिफॉर्म में होने चाहिए। पीएम ने सांसदों से कहा कि लोगों की ज़िंदगी को आसान बनाने के लिए काम करे।
पीएम मोदी ने सभी सांसदों को अपने-अपने चुनाव क्षेत्र के लिए काम करने के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा कि रूल्स रेग्युलेशन अच्छा है। लेकिन, जनता को परेशानी नहीं होना चाहिए। कानून जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए है। खेलकूद को लेकर कहा कि तेज़ी से काम हो। उन्होंने सांसदों से युवाओं से जुड़ने का भी आग्रह किया। किरेन रिजिजू ने बताया कि बैठक में सबसे ज़्यादा जोर इस बात पर दिया गया कि देश के हर क्षेत्र में सुधार कैसे आगे बढ़ाए जाएं।
पीएम मोदी ने कहा कि यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि भारत के किसी भी नागरिक को सिर्फ इसलिए सरकार की तरफ से कोई परेशानी न हो क्योंकि वे भारतीय नागरिक हैं। नियम और कानून अच्छे हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए, न कि जनता को परेशान करने के लिए होना चाहिए। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि सरकार के सुधार पूरी तरह से नागरिक-केंद्रित हैं। हमारा लक्ष्य लोगों की रोज़मर्रा की रुकावटों को दूर करना है ताकि वे अपनी पूरी क्षमता से आगे बढ़ सकें।











