अमरावती। जिले के वरुड़ तहसील में महाराष्ट्र राज्य परिवहन बोर्ड (एसटी) की एक बस की ऑटो रिक्शा से टक्कर हो गई, जिससे एक भीषण दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में एक स्कूली छात्रा भी शामिल है। यह दुर्घटना बुधवार सुबह वरुड़-राजुरा बाजार मार्ग पर हुई। दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से एक की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई।
मृतकों की पहचान माही प्रवीण मगलकर (13) निवासी वाडगाँव, ऑटो चालक कैलाश घनश्याम नागदेवे (42) निवासी वाडगाँव, हरिभाऊ दौलत शिंदे (83) निवासी वाघल और चिंतामन सदाशिवराव नागदेवे (60) निवासी वडगाँव कैंप के रूप में हुई है। प्रतिभा लाड (निवासी वडाला), मोहिनी वनदेव भोर (18) निवासी राजुरा बाजार और राजकुमार भालवी (55) निवासी गंव्हाकड इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, शिवा-ई एसटी बस संख्या MH 49/BT 9436 वरुड़ से तलेगाँव होते हुए वर्धा जा रही थी। वरुड़ तहसील के ग्रामीण इलाकों के कुछ छात्र शिक्षा के लिए ऑटो रिक्शा से वरुड़ शहर जा रहे थे। कुछ स्थानीय नागरिक भी छात्रों के साथ इस रिक्शा में यात्रा कर रहे थे। सुबह के समय यह यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी, तभी वरुड़-राजुरा बाजार के पास एक तेज रफ्तार एसटी बस ने ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो रिक्शा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। टक्कर की तेज आवाज सुनकर इलाके के नागरिक तुरंत मौके पर पहुँचे। इस भयावह हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक स्कूली छात्रा भी शामिल है, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। हादसे में तीन अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर घायलों को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
इस हादसे के कारण वरुड़-राजुरा बाजार मार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। पुलिस मामले की आगे जाँच कर रही है। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि दुर्घटना बस चालक की गलती से हुई या रिक्शा चालक के नियंत्रण खोने से। वे इस बात की भी जाँच कर रहे हैं कि क्या रिक्शा में उसकी क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। वरुड़ क्षेत्र में गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है क्योंकि सुबह काम और स्कूल जाते समय निर्दोष लोगों की जान चली गई है, और स्थानीय नागरिक सड़कों पर बढ़ती गति को नियंत्रित करने की माँग कर रहे हैं।












