लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। चुनाव की पूर्व संध्या पर, नागपुर के वार्ड 14 के गिट्टीखदान इलाके की झुग्गी-झोपड़ियों में कुछ अज्ञात लोग घरों के बाहर पत्र छोड़ रहे थे, जिनमें लिखा था— “कांग्रेस ने धमकाया और लाड़ली बहन योजना की किस्त रुकवाई।” जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोका, तो वे भाग गए।
कांग्रेस ने इस संबंध में पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत झा ने आरोप लगाया है कि वार्ड 14 से भाजपा उम्मीदवार प्रगति पाटिल के पति अजय पाटिल के कुछ सहयोगी यह हरकत कर रहे हैं। गौरतलब है कि सीसीटीवी में कुछ अज्ञात लोग घरों के सामने कागज रखते हुए कैद हुए हैं। कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत झा ने मांग की है कि पुलिस और चुनाव आयोग इस घटना की जांच करें और उचित कार्रवाई करें।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने भाजपा उम्मीदवार प्रगति अजय पाटिल के चुनाव प्रचार के लिए मतदाताओं को नकद और प्रचार सामग्री वितरित की और इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है। इस मामले में पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
गिट्टीखदान क्षेत्र के आजाद नगर, कस्टम नगर और अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ता विवेक सिंह, मानस माली और दो अन्य लोग चुनाव प्रचार के पर्चे और नकदी बांट रहे थे। घटना दोपहर करीब 12:30 बजे घटी। शिकायतकर्ता ने बताया कि सूचना मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुँचे और पाया कि आरोपी दोपहिया वाहन से भागने की कोशिश कर रहे थे।
शिकायत के अनुसार, विवेक सिंह ने राजेश गफले समेत कुछ नागरिकों को 1,000 रुपये और चुनावी पर्चे बांटे। मतदाताओं को सीधे तौर पर आर्थिक प्रलोभन देकर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का यह प्रयास है और आरोप है कि यह चुनाव आयोग की आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। इस घटना के कारण इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।
इस मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संबंधित पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई है और रिटर्निंग ऑफिसर तथा चुनाव प्रशासन को लिखित बयान भी दिया है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की तत्काल जांच की जाए, चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जाएं और चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों ने बताया कि चुनाव प्रशासन ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, शिकायतकर्ताओं के बयानों और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि चुनाव अवधि के दौरान धन वितरण, प्रलोभन या दबाव की रणनीति के इस्तेमाल पर प्रशासन कड़ी नजर रख रहा है, और आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी समझौते के कार्रवाई की जाएगी।






