जलाशय और अभयारण्य में धुंध की चादर से सुबह हुई खूबसूरत
निफाड तालुका के प्रसिद्ध नांदूर मधमेश्वर पक्षी अभयारण्य और उसके आसपास के जलाशय क्षेत्रों में इन दिनों गहन कोहरे का प्रभाव देखने को मिल रहा है। सर्दी की तीव्रता बढ़ने के कारण सुबह के समय पूरा अभयारण्य धुंध की सफेद चादर में लिपटा नजर आता है, जिससे यहां का प्राकृतिक दृश्य और भी मनोहारी हो गया है।
सुबह-सुबह जलाशयों के ऊपर छाया कोहरा, पेड़ों की कतारों और शांत जलराशि के साथ मिलकर एक अद्भुत और शांत वातावरण का निर्माण करता है। इस मौसम का असर केवल प्राकृतिक दृश्य तक सीमित नहीं है, बल्कि अभयारण्य में निवास करने वाले देसी और विदेशी पक्षियों की गतिविधियों में भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। कोहरे के बीच उड़ान भरते पक्षी और जलाशयों के किनारे उनकी हलचल पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है।
नांदूर मधमेश्वर अभयारण्य प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण ठिकाना माना जाता है। सर्दियों के मौसम में यहां फ्लेमिंगो, पेलिकन, कॉर्मोरेंट, बगुले और कई अन्य दुर्लभ पक्षी प्रजातियां देखी जाती हैं। कोहरे के कारण इन पक्षियों की चहचहाहट और उनके समूहों की गतिविधियां सुबह के दृश्य को और भी जीवंत बना देती हैं।
इस प्राकृतिक सौंदर्य को नजदीक से देखने के लिए स्थानीय पर्यटक, फोटोग्राफर और पक्षी प्रेमी बड़ी संख्या में अभयारण्य की ओर रुख कर रहे हैं। धुंध, ठंडी हवा और पक्षियों की मौजूदगी के बीच बिताया गया यह समय प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन रहा है।









