PKT7CP1 बाघ का ज्ञानगंगा में सफल ट्रांसलोकेशन
मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिज़र्व से एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। पेंच से 35 महीने के नर बाघ को महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में स्थित ज्ञानगंगा अभयारण्य में सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया है। इस बाघ को PKT7CP1 नाम दिया गया है।
वन्यजीव विभाग के विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में यह पूरा ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट पूरी तरह सुरक्षित और सुनियोजित तरीके से संपन्न किया गया। वन अधिकारियों के अनुसार, बाघ का स्वास्थ्य पूरी तरह से सामान्य है और उसका व्यवहार भी संतोषजनक बताया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि बाघ की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि वह नए वातावरण में सुरक्षित रूप से अनुकूलन कर सके। इसके लिए आधुनिक निगरानी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
इस बाघ के आगमन से ज्ञानगंगा अभयारण्य की जैवविविधता को नई मजबूती मिली है। वन्यजीव संरक्षण की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में प्राकृतिक संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं, वन विभाग ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। ज्ञानगंगा अभयारण्य से होकर गुजरने वाले बुलढाणा–खामगांव महामार्ग पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
वन विभाग का कहना है कि नया बाघ, नया जंगल और वन्यजीव संरक्षण की एक नई उम्मीद—यह पहल आने वाले समय में महाराष्ट्र के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को और सशक्त बनाएगी।








