लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। ईरान युद्ध का असर अब सीधा भारत तक पहुँच चुका है और महंगाई की आग तेजी से भड़कने वाली है। तेल से लेकर खाने तक और रोजमर्रा की हर चीज पर इसका असर साफ दिखने लगा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि आम आदमी की जेब पर आने वाले दिनों में जबरदस्त चोट पड़ने वाली है।
प्रीमियम या उच्च श्रेणी के पेट्रोल की कीमत में शुक्रवार को 2.35 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई, जबकि औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को बेचे जाने वाला थोक डीजल लगभग 22 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। यह वृद्धि पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच वैश्विक तेल कीमतों में आए उछाल के कारण हुई है। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा।
उद्योग जगत के सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रीमियम 95-ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 99.89 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 101.89 रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही, दिल्ली में थोक या औद्योगिक डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 109.59 रुपये कर दी गई है।
ईरान युद्ध तेज होने के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमत बृहस्पतिवार को 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई थी, जो बाद में घटकर करीब 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। दिल्ली में एक लीटर सामान्य पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये बनी हुई है, जबकि इसी श्रेणी का डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
सामान्य पेट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग आमतौर पर 91-92 होती है और यह मानक इंजनों के लिए उपयुक्त है। दूसरी ओर, प्रीमियम पेट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग 95-98 होती है, जो इसे अधिक बेहतर इंजनों के लिए आदर्श बनाती है।
एक संवाददाता सम्मेलन में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।









