पटना। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर की गई टिप्पणी ने सियासी बवंडर मचा दिया है। शनिवार को अरवल जिले में जनसभा को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि उन्हें “नमकहरामों” के वोट की आवश्यकता नहीं है।
भाजपा सांसद ने अपने संबोधन में बताया कि उन्होंने एक मौलवी से पूछा कि क्या उनके पास आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड है। मौलवी ने पुष्टि की, लेकिन जब सवाल आया कि क्या उन्होंने मंत्री को वोट दिया तो जवाब नकारात्मक मिला। सिंह ने कहा, “जो उपकार को नहीं पहचानता, वही ‘नमकहराम’ कहलाता है। मुझे ऐसे वोट की जरूरत नहीं।”
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि राजग सरकार ने बिहार के विकास के लिए कई बुनियादी ढांचा कार्य किए हैं। उन्होंने कहा, “बिहार में सड़कों का निर्माण केवल राजग नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के लिए किया गया है। बिहार बदल चुका है। सरकार समाज के हर वर्ग के लिए काम करती है, लेकिन मुसलमान भाजपा को वोट नहीं देते।”
सिंह के बयान पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने प्रतिक्रिया दी। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “भाजपा नेता हमेशा हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा उठाते हैं। बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे असली मुद्दों पर बात करने की बजाय धर्म के जरिये जनता का ध्यान भटकाते हैं।”
गिरिराज सिंह पहले भी कई बार अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। बिहार विधानसभा चुनाव की 243 सीटों पर मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को।









