गोंदिया जिले में ठंड ने अपना असर और तेज कर दिया है। जिले का न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे गोंदिया इस समय विदर्भ का सबसे ठंडा जिला बन गया है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार हो रही गिरावट के कारण सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार नवंबर महीने में ही गोंदिया का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया था, और दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक भी ठंड का असर बना हुआ है। ठंडी हवाओं और खुले आसमान के कारण रात के समय तापमान तेजी से गिर रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
सुबह के समय घना कोहरा और शीतलहर जैसी स्थिति बनने से सड़क यातायात पर भी असर देखा जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं, वहीं शहरी क्षेत्रों में भी गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं का असर विदर्भ क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।
इधर, बीते एक सप्ताह से जिले में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। डॉक्टरों ने नागरिकों को ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम ठंडी हवा से बचने और स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
ठंड के इस बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने भी नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। फिलहाल गोंदिया में ठंड का दौर जारी है और आने वाले दिनों में इसके और तेज होने की संभावना बनी हुई है।








