नयी दिल्ली। भारत में सेमीकंडक्टर और फोटोनिक तकनीक के क्षेत्र में बड़ा निवेश होने जा रहा है। ब्रॉडबैंड उपकरण निर्माता GX ग्रुप ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह भारत में 500 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से एक फोटोनिक मॉड्यूल और चिप उत्पादन इकाई स्थापित करेगा। इस नई परियोजना के तहत गुड़गांव के मानेसर में मुख्यालय वाली अनुषंगी कंपनी में 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। वर्तमान में GX ग्रुप के पास भारत में लगभग 250 कर्मचारी हैं।
GX ग्रुप के सीईओ परितोष प्रजापति ने बताया कि पहले चरण में 500 करोड़ रुपये का निवेश राजस्थान के भिवाड़ी में विनिर्माण सुविधा स्थापित करने और चेन्नई स्थित अनुसंधान एवं विकास केंद्र के विस्तार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही तक यह सुविधा और अनुसंधान केंद्र संचालित होने लगेंगे और अक्टूबर 2026 तक चिप का उत्पादन स्थानीय बाजार में उपलब्ध होगा।
वहीं, भारत में बने पहले मल्टी-चिप मॉड्यूल (MCM) को अमेरिका की अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर्स (AOS) को भेजा जा चुका है। साणंद स्थित Kaynes Semicon के प्लांट से बुधवार को 900 इंटेलीजेंट पावर मॉड्यूल (IPM) की शिपमेंट अमेरिका भेजी गई। IPM एक सेमीकंडक्टर डिवाइस है, जो पावर स्विचिंग एलीमेंट्स, ड्राइव और प्रोटेक्शन सर्किट को सिंगल पैकेज में इंटीग्रेट करता है। इसका इस्तेमाल मोटर कंट्रोल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और अन्य हाई-सेफ्टी एप्लिकेशन्स में किया जाता है।
Kaynes Semicon के सीईओ रघु पैनिकर ने बताया कि यह मॉड्यूल अपनी तरह का पहला है, जिसमें 17 डाई, 6 IGBT, 2 कंट्रोलर IC, 6 FRD और 3 डायोड शामिल हैं। यह प्लांट पूरी तरह ऑपरेशनल होने पर रोजाना 63 लाख चिप्स का उत्पादन कर सकेगा और जनवरी 2026 में मास प्रोडक्शन शुरू होगा। AOS के साथ समझौते के तहत Kaynes को अगले पांच सालों तक हर साल एक करोड़ चिप्स अमेरिका भेजनी हैं।
इस पहल से भारत में फोटोनिक और सेमीकंडक्टर तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स उद्योग को भी मजबूत समर्थन मिलेगा।








