नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था तूफानी रफ्तार से आगे बढ़ रही है। जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के कारण दुनिया भर में व्यापार को लेकर तनाव बढ़ रहा है और बड़े-बड़े देशों की अर्थव्यवस्था डगमगा रही है, वहीं विश्व बैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपना दबदबा बनाए रखेगा।
विश्व बैंक की ‘ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स’ रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth) 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। विश्व बैंक की हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था के साथ ही दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ाने में मदद की है। इस रिपोर्ट में जानकारी सामने आई कि दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था में 7.1 फीसदी की वृद्धि हुई है, जिसके पीछे की वजह भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था है।
विश्व बैंक की रिपोर्ट में दक्षिण एशियाई देशों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान शामिल नहीं हैं; इन देशों को मिडिल ईस्ट और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र में रखा गया है। भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था देश में बढ़ रही घरेलू मांग के कारण है। इसकी एक बड़ी वजह देश में टैक्स की नीतियों में किए गए सुधार और बदलाव हैं, जिसकी वजह से ग्रामीण इलाकों में आय का स्तर बढ़ा है।
विश्व बैंक ने रिपोर्ट में यह भी बताया है कि अगर भारत पर अमेरिका इसी तरह से टैरिफ (Tariff) लगाता है, तब वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वृद्धि दर घटकर 6.5 फीसदी तक आ सकती है, जो कि इसके बाद अगले वित्त वर्ष 2027-28 में बढ़कर 6.6 फीसदी तक पहुँच सकती है। विश्व बैंक की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर अमेरिका एक्सपोर्ट पर ज्यादा से ज्यादा टैरिफ लगाता है, तब भी भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसकी पीछे की वजह यह है कि भारत में घरेलू मांग, जो पहले से ही बढ़ी हुई है, इसी रफ्तार के साथ अर्थव्यवस्था को चलाती रहेगी।








