नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि “वह दिन दूर नहीं जब भारत माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा — यह मोदी की गारंटी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में शहरी नक्सलियों को संरक्षण मिला और माओवादी हिंसा पर जानबूझकर आंखें मूंद ली गईं।
एनडीटीवी वर्ल्ड समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि माओवादी आतंकवाद के खिलाफ देश को ऐतिहासिक सफलता मिल रही है। पिछले 75 घंटों में 303 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और अब देश के केवल तीन जिले ही वामपंथी उग्रवाद से गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
मोदी ने कहा, “ग्यारह साल पहले लगभग 125 जिले माओवादी हिंसा की गिरफ्त में थे, आज यह संख्या घटकर केवल 11 रह गई है। पिछले एक दशक में हजारों नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि माओवादी आतंकवाद ने दशकों तक देश के युवाओं और विकास दोनों को बंधक बनाए रखा। “ये नक्सली न स्कूल बनने देते थे, न अस्पताल चलने देते थे, डॉक्टरों को गांवों में जाने से रोकते थे। यह युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ था।”
उन्होंने पहली बार अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं वर्षों से इस हिंसा से व्यथित रहा हूं… आज पहली बार दुनिया के सामने अपना दर्द व्यक्त कर रहा हूं।”
मोदी ने विश्वास जताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब पहली बार दशकों बाद दिवाली की खुशियां मनाने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान ‘शहरी नक्सलियों’ का इतना प्रभाव था कि माओवादी घटनाओं पर भारी सेंसरशिप लागू रहती थी। “मेरी सरकार ने इन भटके हुए युवाओं तक पहुंचकर उन्हें मुख्यधारा में लाने के विशेष प्रयास किए हैं, और आज देश इन प्रयासों का परिणाम देख रहा है।”
समिट में श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत अब आतंक के हमलों के बाद चुप नहीं रहता, बल्कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के ज़रिए मुंहतोड़ जवाब देता है।”
उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया आर्थिक मंदी से जूझ रही थी, तब भारत सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर उभरा। “आज भारत कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है… ‘अनस्टॉपेबल इंडिया’ की यही पहचान है।”
मोदी ने कहा कि देश अब “रुकने या थमने के मूड में नहीं है।” उन्होंने जोड़ा, “140 करोड़ भारतीय पूरी गति से एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि “चिप से लेकर शिप तक, भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास से भरा हुआ है। लोग ही भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं, और जब सरकार का दबाव नहीं होता, वे चमत्कार कर दिखाते हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के सामने एक भरोसेमंद, जिम्मेदार और मजबूत साझेदार के रूप में उभरा है।









