नयी दिल्ली। भारत के मोटर वाहन क्षेत्र ने 2025 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में कुल 30 लेनदेन दर्ज किए, जिनकी कुल वैल्यू 4.6 अरब अमेरिकी डॉलर रही। इसमें सबसे बड़ा सौदा टाटा मोटर्स द्वारा इवेको एस.पी.ए. के अधिग्रहण का था, जिसकी कीमत 3.8 अरब डॉलर थी। यह भारत के अब तक के सबसे बड़े मोटर वाहन लेनदेन में से एक माना जा रहा है।
ग्रांट थॉर्नटन भारत द्वारा जारी ‘क्यू3 2025 ऑटोमोटिव डीलट्रैकर’ के अनुसार, टाटा-मोटर्स इवेको सौदे को छोड़कर, अप्रैल-जून तिमाही की तुलना में लेनदेन मूल्य में 36 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। यह दर्शाता है कि बड़े रणनीतिक अधिग्रहण और विलय (एमएंडए) भारतीय मोटर वाहन उद्योग में सौदों की गति और दिशा तय करते हैं। हालांकि सौदों की संख्या पिछले तिमाही के समान रही, लेकिन औसत मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
ग्रांट थॉर्नटन भारत के साझेदार एवं मोटर वाहन उद्योग विशेषज्ञ साकेत मेहरा ने कहा, “इस तिमाही की मजबूत एमएंडए और निजी निवेश (पीई) गतिविधियां भारत की बढ़ती वैश्विक महत्वाकांक्षा और वाणिज्यिक गतिशीलता को दर्शाती हैं। साथ ही यह संकेत देती हैं कि उद्योग तेजी से प्रौद्योगिकी-सक्षम प्लेटफॉर्म और वैकल्पिक ईंधन प्रौद्योगिकियों की ओर अग्रसर हो रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि नीतिगत अनुकूलता और त्योहारी मांग के बीच तालमेल से मोटर वाहन प्रौद्योगिकी, ईंधन विकल्पों और आपूर्ति श्रृंखला डिजिटलीकरण में तेजी की उम्मीद बनी रहेगी।
इस तिमाही के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है और भविष्य में बड़े अधिग्रहण और रणनीतिक सौदे जारी रहेंगे।








