सिंगापुर। सिंगापुर स्थित भारतीय मूल की कारोबारी और आईसीएआई (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया) के सिंगापुर चैप्टर की चेयरपर्सन अनुराधा श्रॉफ ने वैश्विक आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में सीमा पार सहयोग और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्रॉफ ने कहा कि आज हम ऐसे बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं जो प्रौद्योगिकी, स्थिरता, नई भू-राजनीतिक वास्तविकताओं, बदलती जनसांख्यिकी और नैतिक शासन से प्रेरित हैं। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि केवल बदलाव ही पर्याप्त नहीं है; महत्वपूर्ण यह है कि पेशेवर और संगठन के तौर पर हमारी प्रतिक्रिया कितनी प्रभावशाली और जिम्मेदार है।
उन्होंने ‘बिजनेस लीडर्स फोरम 2.0’ में 150 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को संबोधित करते हुए कहा, “इस मंच का उद्देश्य केवल बदलाव की कहानियों को साझा करना नहीं है, बल्कि दुनियाभर की सर्वोत्तम प्रथाओं को सामने लाना, पेशेवरों को रणनीतिक सलाहकार और नवाचार समर्थक बनने के लिए सशक्त बनाना है और नेतृत्व को क्षेत्रों और सीमाओं के परे मजबूत करना है।”
श्रॉफ ने यह भी कहा कि वैश्विक पेशेवर समुदाय में जिम्मेदारी, दूरदर्शिता और नैतिक मूल्यों पर आधारित नेतृत्व न केवल संगठनों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि ऐसे नेतृत्व के जरिए पेशेवरों को असुरक्षित और अशांत दुनिया में स्थायित्व और सकारात्मक प्रभाव पैदा करने का अवसर मिलता है।
यह आयोजन भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक ऐसा मंच साबित हुआ, जहां अनुभव साझा करने, वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करने और सीमाओं से परे सहयोग के लिए प्रेरणा दी गई।






