नई दिल्ली। भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर आगामी वित्त वर्ष में 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह घरेलू खपत में मजबूती, नीतिगत उपायों और स्थिर बैंकिंग प्रणाली के दम पर जी-20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ेगी। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने सोमवार को भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक उत्साहजनक रिपोर्ट जारी की है। मूडीज के मुताबिक, इस रफ्तार के साथ भारत जी-20 देशों के समूह में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
मुख्य कारण: मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि भारत की इस मजबूत आर्थिक वृद्धि के पीछे मुख्य कारण घरेलू खपत और सरकार द्वारा उठाए गए नीतिगत कदम हैं। एजेंसी ने विशेष रूप से सितंबर 2025 में हुए वस्तु एवं सेवा कर (GST) के युक्तिकरण और व्यक्तिगत आयकर सीमा में की गई बढ़ोतरी का जिक्र किया है। मूडीज का मानना है कि इन सुधारों से उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ी है, जो खपत-आधारित विकास को सहारा देगी।
हालांकि, मूडीज का 6.4% का अनुमान भारत सरकार के अपने अनुमानों से थोड़ा रूढ़िवादी है। पिछले महीने संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त मंत्रालय ने FY27 के लिए 6.8% से 7.2% की विकास दर का अनुमान लगाया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में भारत की विकास दर 7.4% रहने की उम्मीद है, जो कि 2024-25 में दर्ज की गई 6.5% की वृद्धि से काफी बेहतर है।
मूडीज का मानना है कि महंगाई अब कंट्रोल में है, इसलिए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती जारी रख सकता है। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती के कोई संकेत तो नहीं मिल रहे। साल 2025 में आरबीआई पहले ही ब्याज दरों में 1.25% की कटौती कर चुका है, जिससे फिलहाल रेपो रेट 5.25% पर है।









