पुणे के शिरूर तालुका के तलेगाव ढमढेरे में 93 वर्षीय छबूबाई काशिनाथ भुजबळ ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी दिखाई। उम्र के बावजूद चलने में असमर्थ छबूबाई को उनके पुत्र ने मतदान केंद्र तक उठाकर लाया और व्हीलचेयर पर बैठाकर मतदान में सहायता की।
यह घटना लोकशाही के प्रति उनकी निष्ठा और कर्तव्य भावना को उजागर करती है। छबूबाई का मतदान यह संदेश देता है कि उम्र किसी को भी अपने अधिकारों का प्रयोग करने से नहीं रोक सकती। उनके इस कदम ने अन्य मतदाताओं में भी उत्साह पैदा किया और यह दिखाया कि हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है।
स्थानीय अधिकारी और मतदान कर्मियों ने छबूबाई की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव मदद की। यह घटना दर्शाती है कि मतदान प्रक्रिया सभी उम्र के लोगों के लिए सुलभ और सुरक्षित होनी चाहिए।
इस बीच, मतदान केंद्र पर अन्य नागरिक भी अनुशासित तरीके से अपने मत का प्रयोग कर रहे थे। छबूबाई का उदाहरण न केवल वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि पूरे समुदाय को लोकतंत्र में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा देता है।
इस प्रकार, तलेगाव ढमढेरे की 93 वर्षीय मतदाता ने लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूती से प्रदर्शित किया।









