लोकवाहिनी, संवाददाता मुंबई। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच मंगलवार को प्रमुख कंपनियों में भारी बिकवाली आने से घरेलू शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,066 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी 353 अंक टूटा। कारोबारियों ने कहा कि प्रतिकूल वैश्विक हालात में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट जारी रहने से निवेशकों की धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा।
आईटी, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भारी दबाव के चलते बाजार चौतरफा कमजोरी के साथ बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और रुपये पर बढ़ते दबाव के कारण निवेशकों की धारणा बुरी तरह प्रभावित हुई। इसका असर यह रहा कि बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 1,066 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी में भी 353 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
मंगलवार को शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट की वजह से निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए। यह घरेलू बाजारों में गिरावट का लगातार दूसरा दिन रहा। सोमवार को सेंसेक्स में 324.17 अंक की कमजोरी आई थी जबकि निफ्टी 108.85 अंक गिरा था। सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से इंटेल में सबसे अधिक 4.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।









