इजरायल ने सोमवार को ईरान में कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया। सबसे पहले ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड, साउथ पार्स पर हमला किया। यह दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड है और ईरान के लिए बहुत अहम है। इस हमले से ईरान की ऊर्जा सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसके बाद ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए और तेहरान के पास मौजूद तीन एयरपोर्ट्स पर भी भारी बमबारी की गई। इजरायल का कहना है कि इन हमलों में कई एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर और दूसरे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इसी दौरान बुशहर में ईरान के बड़े नेवी बेस पर भी जोरदार धमाका हुआ। यहाँ नेवल बेस के साथ एयरफोर्स बेस, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन के अंडरग्राउंड स्टोरेज मौजूद थे। वहीं आज जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने के पास भी धमाकों की आवाज सुनी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया। इजरायल के रमत गन शहर में ईरानी मिसाइलों से भारी नुकसान हुआ है। हमले के बाद सुरक्षा और राहत-बचाव टीमें तुरंत पहुँच गईं।
तस्वीरों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिसाइल के टकराने से इमारतों और आसपास के इलाके को नुकसान पहुँचा है। इजरायल के इस हमले के बाद ईरान ने बेहद सख्त तेवर अपना लिए हैं। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र के सभी गैस और तेल ठिकानों को निशाना बनाएगा। ईरान के निशाने पर इस बार केवल इजरायल ही नहीं बल्कि कुवैत, सऊदी अरब और यूएई के तेल ठिकाने भी हैं। इससे पहले भी साउथ पार्स पर हमले के जवाब में ईरान ने कतर पर हमला किया था, जिसने पड़ोसी अरब देशों की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार (7 अप्रैल) तक का अल्टीमेटम दिया था। ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी थी कि यदि तय समय तक समझौता नहीं होता है तो वह ईरान में ‘सब कुछ उड़ा देंगे’। हालाँकि, इस डेडलाइन के खत्म होने से पहले ही इजरायली लड़ाकू विमानों ने दक्षिण ईरान के असल्युह में स्थित साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ बमबारी शुरू कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के दौरान प्लांट परिसर में एक के बाद एक कई भीषण विस्फोटों की आवाज सुनी गई।







