नई दिल्ली | भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में एक और बड़ा कदम उठाते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने गुरुवार को घोषणा की है कि उसकी कृत्रिम मेधा इकाई ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ ने गूगल के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत चुनिंदा जियो 5G ग्राहकों को ‘Google AI Pro’ का मुफ्त एक्सेस 18 महीनों तक दिया जाएगा।
कंपनी के मुताबिक, यह सुविधा 35,100 मूल्य की प्रीमियम पेशकश है, जिसे जियो के चुनिंदा उपभोक्ता बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के इस्तेमाल कर सकेंगे। यह ऑफर फिलहाल 18 से 25 वर्ष की आयु वर्ग वाले अनलिमिटेड 5G प्लान उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगा। बाद में इसे सभी जियो ग्राहकों तक विस्तारित किया जाएगा।
क्या है इस ऑफर में खास?
रिलायंस ने बताया कि इस ऑफर के तहत यूज़र्स को गूगल के नवीनतम AI मॉडल ‘Gemini 2.5 Pro’ तक एक्सेस मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें ‘Nano Banana’ और ‘Vio 3.1’ जैसे एडवांस मॉडल्स के ज़रिए इमेज और वीडियो जनरेशन की विस्तृत क्षमता भी मिलेगी।
साथ ही, यूज़र्स को NotebookLM जैसे रिसर्च टूल्स का उन्नत संस्करण, 2TB क्लाउड स्टोरेज, और गूगल के AI हार्डवेयर एक्सेलेरेटर्स तक विशेष पहुंच भी प्राप्त होगी। इसका उद्देश्य भारतीय यूज़र्स को प्रोफेशनल लेवल एआई टूल्स और कंप्यूटिंग क्षमता से जोड़ना है।
मुकेश अंबानी बोले – “भारत को AI-सशक्त बनाने की दिशा में कदम”
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश डी. अंबानी ने इस साझेदारी को “भारत की एआई क्रांति का निर्णायक अध्याय” बताया।
उन्होंने कहा —
“रिलायंस इंटेलिजेंस का लक्ष्य है कि 1.45 अरब भारतीयों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी सेवाओं तक समान रूप से पहुंच मिले। गूगल जैसे दीर्घकालिक साझेदारों के साथ हम भारत को केवल एआई-सक्षम नहीं बल्कि एआई-सशक्त बनाना चाहते हैं, जहां हर नागरिक और उद्यम नवाचार कर सके।”
ओपनएआई से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
रिलायंस-गूगल की यह घोषणा ठीक उसी समय आई है जब OpenAI ने भारत में 4 नवंबर से अपनी योजना ‘ChatGPT Go’ को एक वर्ष के लिए मुफ्त करने का ऐलान किया है। यह योजना वर्तमान में 399 प्रति माह की है।
इससे भारत के एआई उपभोक्ता बाजार में गूगल, ओपनएआई और रिलायंस के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज़ होने की उम्मीद है।
एंटरप्राइज़ एआई में भी बड़ा कदम
रिलायंस ने यह भी बताया कि वह अब गूगल क्लाउड के साथ मिलकर AI Hardware Accelerators तक संस्थागत पहुंच बढ़ाएगी, जिससे भारतीय कंपनियां बड़े और जटिल एआई मॉडल विकसित व लागू कर सकेंगी।
इसके साथ ही रिलायंस इंटेलिजेंस, Google Gemini Enterprise Platform पर अपने खुद के एआई एजेंट्स (AI Agents) भी तैयार करेगी, जो विभिन्न उद्योगों के लिए समाधान प्रदान करेंगे।









