नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में इस साल छात्र संघ चुनाव (JNUSU Elections 2025) नवंबर में होने की संभावना है। विश्वविद्यालय ने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ (Grievance Redressal Cell – GRC) का गठन कर दिया है।
नवंबर में संभावित तारीखें
आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, पीएचडी छात्रों का शैक्षणिक सत्र 12 सितंबर से शुरू हुआ है और चुनाव उसी के 6 से 8 हफ्ते बाद आयोजित होने की संभावना है। इस लिहाज से मतदान नवंबर के मध्य या अंतिम सप्ताह में हो सकते हैं।
शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी
‘डीन ऑफ स्टूडेंट्स ऑफिस’ की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रोफेसर मनुराधा चौधरी की अध्यक्षता में गठित इस प्रकोष्ठ में 10 संकाय सदस्य और 2 छात्र प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं।
- इसका मुख्य उद्देश्य चुनाव से जुड़े विवाद और शिकायतों का समाधान करना है।
- विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहेगी।
आंतरिक समिति (IC) चुनाव भी होंगे साथ
जेएनयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्र संघ चुनावों के साथ-साथ आंतरिक समिति (Internal Committee – IC) के चुनाव भी आयोजित किए जाएंगे। सभी चुनाव वर्तमान नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत होंगे और विस्तृत गाइडलाइंस समय रहते जारी की जाएंगी।
पिछले साल का चुनावी नतीजा
जेएनयूएसयू 2024-25 चुनावों में वामपंथी छात्र संगठनों ने केंद्रीय पैनल की चार में से तीन सीटें जीती थीं।
- अध्यक्ष पद: AISA उम्मीदवार नीतीश कुमार
- उपाध्यक्ष: डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (DSF) की मनीषा
- महासचिव: मुन्तहा फातिमा
- संयुक्त सचिव: ABVP ने नौ साल बाद बड़ी वापसी करते हुए यह सीट जीती
गौरतलब है कि उस चुनाव में करीब 70% मतदान हुआ था।
छात्रों से अपील
विश्वविद्यालय ने सभी छात्रों से चुनाव प्रक्रिया में सहयोग और शांति बनाए रखने की अपील की है। जेएनयू प्रशासन का कहना है कि इस बार का चुनाव और भी पारदर्शी और सहभागी होगा।







