गुवाहाटी। सिंगापुर पुलिस बल (एसपीएफ) अगले 10 दिनों के भीतर जुबिन गर्ग की रहस्यमय मौत से संबंधित महत्वपूर्ण सबूत, जैसे सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, असम पुलिस को उपलब्ध करा सकती है। यह जानकारी शुक्रवार को SIT के प्रमुख और असम सीआईडी के विशेष डीजीपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने दी।
गुप्ता ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि उन्होंने सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्त और एसपीएफ के पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दोनों पुलिस बलों ने जांच के हर पहलू पर विचार-विमर्श किया और सभी प्रासंगिक जानकारी साझा करने पर सहमति बनी। “हमें अगले 10 दिनों में नौका चालक और असम एसोसिएशन सिंगापुर के एक सदस्य के बयान मिलने की उम्मीद है, जो कानूनी प्रक्रिया के तहत होंगे,” उन्होंने कहा।
SIT ने गर्ग की मौत के स्थल और उनके प्रवास के दौरान गए स्थानों का दौरा किया। इसके साथ ही, होटल और अन्य जगहों के सीसीटीवी फुटेज भी मांगे गए हैं, जिन्हें एसपीएफ जल्द उपलब्ध कराएगा। गुप्ता ने कहा कि जांच अब तक सही दिशा में आगे बढ़ रही है और अब तक 70 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
जुबिन गर्ग की पत्नी गरिमा और बहन पाल्मे बोरठाकुर ने भी अपने बयान दर्ज कराए। गुप्ता ने जनता से अपील की कि जो भी गर्ग के बारे में जानकारी रखते हैं, वे सामने आएं और पुलिस को सहयोग दें।
गायक की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय डूबकर मौत हो गई थी। घटना के समय 11 असमिया प्रवासी मौजूद थे, जिनमें से 10 से पूछताछ की गई है। इस मामले में पहले ही गायक के प्रबंधक, बैंड सदस्य और परिवार के सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
सिंगापुर पुलिस की प्रारंभिक जांच में किसी गड़बड़ी का संकेत नहीं मिला है। वहीं, SIT ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, गैर इरादतन हत्या, आपराधिक साजिश और लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार सभी सात लोग न्यायिक हिरासत में हैं।
जुबिन गर्ग मामले की इस जांच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कानूनी सहायता दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, और एसआईटी का प्रयास है कि तीन महीने के भीतर आरोपपत्र दाखिल किया जाए।









