बिना पूर्व सूचना वाहन उठाने से बढ़ी नाराज़गी,31 तारीख को उच्च न्यायालय में होगी अहम सुनवाई
पिछले चार–पांच दिनों से न्यायालय परिसर की पार्किंग व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। पीडीजे सुराणा द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के वर्षों पुरानी पार्किंग व्यवस्था हटाए जाने से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के वाहन उठवा लिए गए। इस अचानक लिए गए फैसले से महिला एवं पुरुष अधिवक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिससे आक्रोश और असंतोष फैल गया।
इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में सभी अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा और इस निर्णय के पीछे का कारण जानने के लिए एक प्रस्ताव सौंपा। अधिवक्ताओं का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था और पूर्व सूचना के इस तरह की कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है और इससे उनके दैनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है।
इस बीच, पीडीजे सुराणा ने समस्या के समाधान की दिशा में सकारात्मक रुख दिखाया है। जानकारी के अनुसार, 31 तारीख को इस पार्किंग विवाद को लेकर उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति के समक्ष सुनवाई होने जा रही है। अधिवक्ताओं को उम्मीद है कि इस सुनवाई के बाद कोई ठोस और न्यायोचित निर्णय सामने आएगा।
हालांकि अधिवक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि 31 तारीख को आने वाला निर्णय उनके पक्ष में नहीं आता है, तो महिला और पुरुष अधिवक्ता कंधे से कंधा मिलाकर इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे। अधिवक्ता समुदाय ने एकजुटता का परिचय देते हुए यह संदेश दिया है कि अपने अधिकारों और सुविधाओं की रक्षा के लिए वे किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं।








