नाशिक के जिला अस्पताल परिसर में पुलिस द्वारा एक वकील के साथ मारपीट किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस घटना के बाद जिले में कानून व्यवस्था और वकीलों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित वकील की पहचान एडवोकेट तुषार दोंदे के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, एडवोकेट तुषार दोंदे किसी आत्महत्या के मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से सुनवाई और आवश्यक जानकारी लेने के लिए सिविल अस्पताल परिसर पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी के साथ उनका विवाद हो गया, जिसके बाद पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। इस घटना में एडवोकेट दोंदे को चोटें आई हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही नाशिक जिला न्यायालय के बाहर वकील संघटनाओं ने तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल निलंबित करने और उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। वकीलों का कहना है कि यदि न्यायालय परिसर और अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर भी वकील सुरक्षित नहीं हैं, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
वकील संघटनाओं ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है।









