लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। राज्य में अनुपयोगी हो चुके 80 पुराने कानूनों और अधिनियमों को रद्द करने वाला विधेयक मंगलवार को विधानसभा में पारित हो गया। इन कालबाह्य नियमों के कारण प्रशासनिक कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो रही थीं। इसलिए राज्य सरकार ने इन अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त करने का फैसला लिया। यह विधेयक सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्री आशीष शेलार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किया गया, जिसे चर्चा के बाद पारित कर दिया गया।
इनमें से कई अधिनियम स्वतंत्रता से पहले लागू किए गए थे, जिनकी उपयोगिता अब समाप्त हो चुकी है। सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए मंत्री शेलार ने कहा कि संवैधानिक बदलाव, राज्य पुनर्गठन और नए कानूनों के लागू होने के कारण कई पुराने अधिनियम अप्रासंगिक हो गए हैं। इन अधिनियमों के संदर्भ अब भी बने रहने से प्रशासन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी।
इसी कारण राज्य सरकार ने महाराष्ट्र में लागू सभी अधिनियमों की समीक्षा (रिव्यू) प्रक्रिया शुरू की है। सरकार ने बॉम्बे एक्ट, बॉम्बे रेगुलेशंस, बंगाल रेगुलेशंस, सेंट्रल प्रोविंस एवं बरार एक्ट, हैदराबाद एक्ट और मध्य प्रदेश एक्ट जैसे पुराने कानूनों को रद्द करने का निर्णय लिया है, जो अब उपयोग में नहीं हैं। इनमें कुल 80 अधिनियम शामिल हैं, जिनमें 24 बॉम्बे एक्ट्स, 8 सेंट्रल प्रोविंस बरार एक्ट्स और 18 हैदराबाद एक्ट्स के कानून शामिल हैं।









