लोकवाहिनी, संवाददाता मुंबई। राज्य सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में पांच महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इन फैसलों से आम जनता को लाभ होगा। ये फैसले योजना विभाग, ऊर्जा विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग जैसे विभिन्न विभागों से संबंधित हैं। आज की कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की।
महाराष्ट्र में एक नया स्वतंत्र इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विभाग बनाया जाएगा। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य, यानी ‘विकसित महाराष्ट्र’ को पूरा करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय को इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आयुक्त कार्यालय में परिवर्तित किया जाएगा। मंत्रालयी विभागों, आयुक्त कार्यालयों और सभी जिलों के लिए स्थायी पदों के साथ एक नया आईटी कैडर सृजित किया जाएगा। इससे राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल शासन को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं नियोजन विभाग में महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (MRSAC) अब एक कंपनी होगी। सोसायटी अधिनियम, 1860 के तहत इसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत एक कंपनी स्थापित की जाएगी। इस निर्णय से सड़क सूचना प्रणाली, शहरी नियोजन, जलयुक्त शिविर, जिला स्तरीय विकास, डोगरी विकास योजना, ई-पंचनामा, महा-कृषि प्रौद्योगिकी, कांदिवन अध्ययन, भूजल प्रबंधन, खनिज और खान अध्ययन को बढ़ावा मिलेगा।
योजना विभाग: भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करके प्रशासन में गतिशीलता लाने के लिए महाराष्ट्र भू-प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग केंद्र (महाजियोटेक) कंपनी की स्थापना की जाएगी। आधुनिक प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, भू-स्थानिक नवाचार और उद्यमिता विभाग छात्रों, पेशेवरों और शोधकर्ताओं के लिए शैक्षणिक कार्यक्रम लागू कर सकेगा।
ऊर्जा विभाग: महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी – महावितरण का वित्तीय पुनर्गठन किया जाएगा। सरकारी गारंटीकृत ऋणों (32,679 करोड़ रुपये) के लिए पूंजी बाजार में सरकारी बांड जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, कृषि वितरण व्यवसाय का विखंडन (Separation) किया जाएगा। साथ ही, महावितरण कंपनी को पूंजी बाजार में सूचीबद्ध (List) किया जाएगा।







