लोकवाहिनी, संवाददाता:नासिक। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान और आर्थिक हानि से प्रभावित किसानों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ हुई बेमौसम बारिश से महाराष्ट्र के कई जिलों में फसलों को व्यापक नुकसान पहुँचा है और 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर नुकसान की सूचना मिली है।
मुख्यमंत्री ने यहाँ कहा, “सरकार सभी प्रभावित किसानों को सहायता प्रदान करेगी। महाराष्ट्र में जब भी बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि होती है, हम सर्वेक्षण करते हैं और मुआवजा प्रदान करते हैं। इस बार भी ऐसा ही किया जाएगा।”
अधिकारियों ने कुछ दिन पहले कहा था कि उत्तरी महाराष्ट्र, पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा व विदर्भ के कुछ हिस्सों में इसका प्रभाव गंभीर रहा है, जिससे 82,000 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में नासिक, अहिल्यानगर (अहमदनगर), जलगांव, धुले, बुलढाणा और छत्रपति संभाजीनगर शामिल हैं, जहाँ खड़ी और कटी रबी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचा है। उन्होंने बताया कि गेहूं, चना, ज्वार और बाजरा जैसी कटाई के लिए तैयार फसल कई जगहों पर पूरी तरह से नष्ट हो गई है, जबकि अंगूर, अनार और आम सहित फलों के बागों में भारी मात्रा में फल गिर गए हैं। पुणे और नासिक जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की गई।
उपमुख्यमंत्री ने लिया जायजा
इस बीच, महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनीता पवार ने खेत में बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए रविवार को बारामती में बारिश प्रभावित कई खेतों का दौरा किया। पवार ने किसानों से बातचीत की और पुणे जिले में बेमौसम बारिश के कारण हुए नुकसान की समीक्षा की तथा आश्वासन दिया कि उनकी चिंताओं को अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा व राहत प्रदान करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “राज्य के कुछ हिस्सों में पिछले दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। स्थिति बेहद चिंताजनक और दुखद है।” पवार ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दे दिए गए हैं।








