केंद्रीय ओबीसी आरक्षण के लिए आंदोलन तेज करने का फैसला
33 ओबीसी जातियों को केंद्रीय सूची में शामिल करने की मांग
दिल्ली में आंदोलन की तैयारी, केंद्र सरकार से जल्द फैसले की उम्मीद
महाराष्ट्र ओबीसी कृती समिति की कार्यकारिणी बैठक एवं पदभार समारोह 22 मार्च को नवी मुंबई के खारघर स्थित लेवे गुजर भवन में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस राज्यस्तरीय बैठक में महाराष्ट्र के विभिन्न ओबीसी समाजों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र स्तर पर ओबीसी आरक्षण के लिए चल रहे आंदोलन को और अधिक तेज करना तथा विभिन्न समाजों के बीच समन्वय स्थापित करना था। समिति की स्थापना वर्ष 2024 में राज्य के 33 ओबीसी जाति समूहों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल कराने के उद्देश्य से की गई थी। इस दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं और अंतिम फैसला केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए लंबित है। कार्यक्रम में संरक्षक मंडल के पदाधिकारी, अध्यक्ष श्रावण फरकाडे, कार्याध्यक्ष राम खरपुरिया, महिला कार्याध्यक्ष सरिता गाकरे सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाज के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वर्धा के सांसद अमर काले ने दूरभाष के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के प्रयासों को समर्थन देने तथा इस मुद्दे को प्रधानमंत्री स्तर तक उठाने का आश्वासन दिया। अध्यक्ष श्रावण फरकाडे ने अपने संबोधन में कहा कि आरक्षण समाज का अधिकार है और इसे प्राप्त करने के लिए संघर्ष को और तेज किया जाएगा। वहीं, राम खरपुरिया ने कहा कि लगातार प्रयासों के चलते केंद्र सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और समाधान निकट है।
बैठक में विभिन्न प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें दिल्ली में आंदोलन करने की रणनीति भी शामिल है। कार्यक्रम के अंत में पदग्रहण समारोह आयोजित कर नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।








