वादों से नाराज नेताओं ने छोड़ा राष्ट्रवादी का साथ
रत्नागिरी:रत्नागिरी जिले में आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों से पहले अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के रत्नागिरी तालुकाध्यक्ष और शहराध्यक्ष ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इन इस्तीफों को पार्टी के लिए गंभीर नुकसान के तौर पर देखा जा रहा है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के रत्नागिरी तालुकाध्यक्ष एडवोकेट देवेंद्र उर्फ बंटी वणजू ने घोषणा की कि उन्होंने स्वयं तालुकाध्यक्ष पद से और एडवोकेट राकेश आंब्रे ने शहराध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में चल रहे गंदे और अवसरवादी राजनीति से वे पूरी तरह तंग आ चुके हैं, इसी कारण यह निर्णय लिया गया है।
बंटी वणजू ने यह भी आरोप लगाया कि महायुति के दौरान पालकमंत्री द्वारा यह कहा गया था कि उन्हें राष्ट्रवादी के साथ काम करने का कड़वा अनुभव आया है। लेकिन वास्तविकता यह है कि नगरपालिका चुनावों के समय राष्ट्रवादी की ओर से दो सीटें देने का आश्वासन दिया गया था, जबकि हकीकत में एक भी सीट नहीं दी गई। इससे उन्हें और उनके समर्थकों को गहरा निराशा हुई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा बार-बार किए गए वादे पूरे नहीं किए गए, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने यह कठोर कदम उठाया।
आगे की भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए बंटी वणजू ने कहा कि वे भविष्य में केवल एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे और किसी भी राजनीतिक प्रक्रिया या पद के लिए सक्रिय रूप से शामिल नहीं होंगे।
तालुकाध्यक्ष और शहराध्यक्ष के एक साथ इस्तीफे से रत्नागिरी जिले की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है और आने वाले चुनावों में इसके बड़े राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।












