हरसुल पीएचसी में डॉक्टर की लापरवाही उजागर
स्वास्थ्य विभाग पर कार्रवाई का दबाव
यवतमाल:यवतमाल जिले के दिग्रस तालुका स्थित हरसुल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर की लगातार अनुपस्थिति से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेदारी संभाल रहीं डॉक्टर कुमारी ऋतुजा राठोड के नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित न रहने के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है, ऐसा गंभीर आरोप स्थानीय नागरिकों ने लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में अक्सर ताला लगा रहता है या फिर डॉक्टर अनुपस्थित रहती हैं, जिससे गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
इस लापरवाही के विरोध में ग्रामस्थों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और मेडिकल ऑफिसर के तत्काल निलंबन की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
तालुका स्वास्थ्य अधिकारी आशिष पवार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि डॉक्टर की गैरहाजिरी को लेकर जांच की गई है और प्राथमिक स्तर पर कार्रवाई का अहवाल वरिष्ठ कार्यालय को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। ग्रामस्थों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। अब सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।









