गोंदिया जिले में आदिवासी समुदाय की समस्याओं को लेकर राज्य के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके की रवैये पर सवाल उठने लगे हैं। मंत्री कल गोंदिया दौरे पर थे और कचारगड में होने वाली स्थानीय यात्रा का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने पत्रकार परिषद में भाग लिया।
पत्रकारों ने आदिवासी विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के बारे में सवाल किए, लेकिन मंत्री ने गंभीरता दिखाए बिना “चौकशी करूंगा, चर्चा करूंगा” जैसे टालमटोल जवाब दिए। इस रवैये को देख गोंदियावासियों में नाराजगी व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आदिवासी समुदाय की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन मंत्री द्वारा इस पर उचित कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है।
विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, जलसंपदा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे आदिवासी क्षेत्रों में अनसुलझे बने हुए हैं। गोंदियावासियों का कहना है कि इस तरह की टालमटोल प्रतिक्रिया से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। सोशल मीडिया और स्थानीय मंचों पर भी मंत्री के रवैये को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।
स्थानीय संगठन और नागरिक इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मंत्री को क्षेत्र के आदिवासी विकास के मुद्दों पर गंभीरता दिखानी चाहिए और फौरन ठोस कदम उठाने चाहिए। गोंदिया जिले के आदिवासी समुदाय के लिए यह दौरा एक अवसर हो सकता था, लेकिन मंत्री के हल्के जवाबों ने लोगों को असंतोष में डाल दिया है।









