नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार को 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की युवा-केंद्रित योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई दिशा पकड़ी है। साथ ही उन्होंने राजद शासनकाल पर तीखा हमला बोला और राहुल गांधी पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधा।
कर्पूरी ठाकुर के नाम पर ‘जननायक’ विवाद
मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि “कुछ लोग कर्पूरी ठाकुर से जुड़े सम्मान को चुराने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि “कर्पूरी ठाकुर को जननायक की उपाधि सोशल मीडिया ट्रोल्स ने नहीं दी, बल्कि यह बिहार की जनता के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है।”
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पिछले साल कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया था।
शिक्षा और रोजगार पर बड़ा फोकस
मोदी ने बिहार के पलायन के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राजद सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया था, स्कूलों में कक्षाएं नहीं लगती थीं और छात्रों को मजबूरी में राज्य छोड़कर जाना पड़ता था।
उन्होंने कहा, “जिस पेड़ की जड़ें सड़ चुकी हों, उसे खड़ा करना मुश्किल होता है। बिहार भी उसी हाल में था, लेकिन एनडीए सरकार ने बदलाव लाने का काम किया।”
पीएम-सेतु योजना की शुरुआत
मोदी ने 60,000 करोड़ रुपये की पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार योग्यता परिवर्तन उन्नत आईटीआई योजना) लॉन्च की।
- इस योजना के तहत 1,000 आईटीआई को हब-एंड-स्पोक मॉडल में विकसित किया जाएगा।
- 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई के जरिए आधुनिक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा और स्टार्टअप इनक्यूबेशन की सुविधा मिलेगी।
- इसका उद्देश्य बिहार के युवाओं को राज्य में ही रोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना है।
नई योजनाएं और सुविधाएं
- मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना (संशोधित): हर साल 5 लाख स्नातकों को 2 साल तक 1,000 रूपये मासिक भत्ता और मुफ्त कौशल प्रशिक्षण।
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (नवीन): छात्रों को 4 लाख रूपये तक का ब्याजमुक्त शिक्षा ऋण।
- जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय: उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम और व्यावसायिक शिक्षा के जरिए वैश्विक स्तर का प्रतिस्पर्धी कार्यबल तैयार करना।
रोजगार पर बड़ा लक्ष्य
मोदी ने कहा कि नीतीश सरकार ने संकल्प लिया है कि अगले पांच सालों में राज्य में रोजगार पाने वाले युवाओं की संख्या दोगुनी होगी। उनका कहना था कि यह पहल “बिहार को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाने की दिशा में निर्णायक कदम” है।








