मुजफ्फरपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बिहार के चुनावी रण में विपक्षी गठबंधन कांग्रेस-राजद पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गठबंधन छठ जैसे पवित्र पर्व का अपमान कर रहा है और बिहार की संस्कृति का मज़ाक उड़ा रहा है। मोदी ने कहा — “छठी मैया का अपमान करने वालों को बिहार कभी माफ नहीं करेगा।”
छठ पर्व का अपमान बताकर राहुल गांधी पर पलटवार
मुजफ्फरपुर और छपरा की रैलियों में मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री पर दिल्ली में छठ पूजा के दौरान “नाटक” करने का आरोप लगाया था।
मोदी ने कहा कि छठ अब वैश्विक पर्व बन चुका है, और यह भक्ति के साथ-साथ समानता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस पर्व को यूनेस्को विरासत सूची में शामिल करवाने की दिशा में प्रयासरत है।
“जब मैं छठ गीत सुनता हूं, भावुक हो जाता हूं”
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि वे यात्रा के दौरान छठ गीत सुनना पसंद करते हैं। उन्होंने एक किस्सा साझा करते हुए कहा —
“एक बार नागालैंड की एक लड़की द्वारा गाए गए छठ गीत ने मुझे भावुक कर दिया था। छठ बिहार की आत्मा में बसता है, लेकिन कांग्रेस-राजद के लोग इसी पर्व का मज़ाक बना रहे हैं।”
“राहुल गांधी को बिहार की संस्कृति समझ नहीं”
मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “वोट के लिए ये लोग किसी भी हद तक गिर सकते हैं। छठ जैसे पर्व को ड्रामा कहकर उन्होंने बिहार का अपमान किया है, जिसे यह राज्य कभी नहीं भूलेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि बिहार के प्रति कांग्रेस की मानसिकता नई नहीं है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा था कि “बिहारी मज़दूरों को भगा देना चाहिए”, और उस वक्त कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी वाड्रा मंच पर बैठकर हंस रही थीं।
“विपक्ष तुष्टिकरण की राजनीति कर रहा है”
मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस-राजद गठबंधन सिर्फ वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति करता है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन घुसपैठियों को संरक्षण दे रहा है और भारत की सांस्कृतिक एकता को कमजोर कर रहा है।
उन्होंने कहा — “इन लोगों को हमारी परंपराओं से हमेशा दिक्कत रही है। आपने इन्हें अयोध्या में राम मंदिर जाते हुए कभी नहीं देखा होगा। 500 साल के संघर्ष के बाद जो सपना साकार हुआ, उससे भी इन्हें परेशानी है।”
“नामदार लोग मुझे चाय बेचने वाला कहते हैं”
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर ‘अहंकार’ का आरोप लगाते हुए कहा कि “वे यह सहन नहीं कर पा रहे कि एक चाय बेचने वाला आज देश का नेतृत्व कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि उनकी ऊँचाई किसी खानदान की देन नहीं बल्कि जनता के आशीर्वाद और बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान की वजह से है।
राजद पर सीधा हमला: “कट्टा, कुशासन और करप्शन का प्रतीक”
मोदी ने कहा कि राजद-कांग्रेस गठबंधन का घोषणापत्र असल में “रेट चार्ट” है — जिसमें रंगदारी, फिरौती, भ्रष्टाचार और लूट की गारंटी है।
उन्होंने कहा — “राजद पांच ‘क’ का प्रतीक है — कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन।”
“राजद की रैलियों में कट्टा और अपहरण के गीत बजते हैं”
प्रधानमंत्री ने चिंता जताई कि राजद की रैलियों में हिंसक गानों का चलन बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि इन गानों में “कट्टा”, “छुरा” और “अपहरण” जैसे शब्दों का महिमामंडन होता है।
उन्होंने कहा — “राजद शासन के दौरान 35,000 से ज़्यादा अपहरण हुए थे। गुंडे खुलेआम वाहन शोरूम लूटते थे।”
“राजग विकास और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध”
मोदी ने कहा कि इसके विपरीत राजग का उद्देश्य बिहार की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना और राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित करना है।
उन्होंने रैली की शुरुआत लोगों से नारे लगवाकर की — “फिर एक बार, राजग सरकार” और “फिर एक बार, सुशासन सरकार।”
“युवाओं से अपील — जंगलराज नहीं, समृद्ध बिहार चुनें”
मोदी ने युवा मतदाताओं से कहा — “आपके माता-पिता ने जंगलराज खत्म करने के लिए वोट दिया था, अब आपकी बारी है कि आप एक समृद्ध बिहार के लिए वोट करें।”
उन्होंने कहा कि पिछली राजद सरकारों में मुख्यमंत्री कार्यालय तक माफियाओं के कब्जे में था।
“आईएएस अधिकारी की पत्नी को न्याय नहीं मिला”
बिना नाम लिए मोदी ने एक पुराने मामले का जिक्र किया, जिसमें एक आईएएस अधिकारी की पत्नी ने तत्कालीन राज्यपाल को पत्र लिखकर सत्तारूढ़ दल के नेताओं पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
मोदी ने कहा कि ऐसी घटनाएं बताती हैं कि राजद शासन में कानून-व्यवस्था का क्या हाल था।
“बिहार राजग पर भरोसा बनाए रखे”
अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी सर्वेक्षण दिखा रहे हैं कि बिहार की जनता राजग को भारी बहुमत देने जा रही है।
उन्होंने कहा — “राजद-कांग्रेस गठबंधन को अब अपने इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि बिहार अब विकास और सम्मान की राजनीति चुन चुका है।”









