महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी, वीरांगनाओं को दी गई श्रद्धांजलि
सावित्रीबाई फुले के संघर्ष और शिक्षा आंदोलन को किया गया याद
महिला सशक्तिकरण और संविधानिक मूल्यों का दिया गया संदेश
नागपुर | 8 मार्च:अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मूल निवासी संघ की ओर से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संविधान रैली निकालकर देश की महान महिला वीरांगनाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और महिलाओं के अधिकार, शिक्षा और समानता का संदेश दिया गया।
रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में संविधान और सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेशों वाले बैनर लेकर प्रतिभागियों ने शहर में रैली निकाली। इस दौरान समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और उनके सशक्तिकरण की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के त्यागमय और प्रेरणादायी जीवन को याद किया गया। वक्ताओं ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन और शिक्षा के लिए किए गए महान कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले ने समाज में महिलाओं की शिक्षा और समानता की मजबूत नींव रखी। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और युवाओं से शिक्षा के महत्व को समझने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
इसके साथ ही मूल निवासी समाज के महानायकों और वीरांगनाओं को भी श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि इन महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में संविधान के मूल्यों—समानता, न्याय और स्वतंत्रता—को समाज में मजबूत करने का संदेश दिया गया।
आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।









