मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को आज एक बड़ी सौगात मिली है। शहर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से मुंबई मेट्रो लाइन-9 का पहला चरण आज से शुरू हो गया है। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में हुआ।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने दहिसर (पूर्व) से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े के साथ काशीगांव तक यात्रा की। इसके साथ ही, मुंबई में अब पांच मेट्रो कॉरिडोर परिचालन में हैं। माना जा रहा है कि इससे लाखों यात्रियों की रोज की यात्रा आसान हो जाएगी। यह नई मेट्रो लाइन दहिसर (पूर्व) से मीरा-भायंदर तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
मेट्रो लाइन-9: एक नज़र में
मेट्रो लाइन-9 कुल 10.5 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है, जिसमें कुल 8 स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें दहिसर (पूर्व), पांडुरंगवाड़ी, मीरागांव, काशीगांव, साईं बाबा नगर, मेदतिया नगर, शहीद भगत सिंह गार्डन और नेताजी सुभाष चंद्र बोस गार्डन शामिल हैं।
आज से शुरू हुए फर्स्ट फेज (First Phase) की लंबाई 4.7 किलोमीटर है। इसमें दहिसर (पूर्व), पांडुरंगवाड़ी, मीरागांव और काशीगांव कुल 4 स्टेशन शामिल हैं। यह चरण वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के साथ सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करता है और यात्रियों को अंधेरी (पूर्व) तक आसान सफर की सुविधा देता है।
एयरपोर्ट और अन्य लाइनों से जुड़ाव
मेट्रो लाइन-9 मुंबई मेट्रो की लाइन-7 और लाइन-7ए के जरिए एयरपोर्ट से भी जुड़ती है। इससे मीरा-भायंदर से छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक की यात्रा आसान हो जाएगी। दहिसर (पूर्व) पर इंटरचेंज सुविधा से मुंबई मेट्रो लाइन-2ए से भी कनेक्शन मिलेगा, जिससे मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट का बेहतर नेटवर्क तैयार होगा।
ट्रैफिक से मिलेगी राहत
इस मेट्रो के शुरू होने से दहिसर टोल नाका पर लगने वाले भारी ट्रैफिक में कमी आएगी। अनुमान है कि 20 से 30 प्रतिशत यात्री सड़क से मेट्रो की ओर शिफ्ट होंगे, जिससे पीक आवर्स में ट्रैफिक जाम 10-15 प्रतिशत तक घट सकता है।
मेट्रो-2बी का भी विस्तार
मेट्रो-2बी का पहला चरण चेंबूर के डायमंड गार्डन से मंडाले तक शुरू किया गया है। यह करीब 5.53 किलोमीटर लंबा है और इसमें 5 स्टेशन शामिल हैं। पूरी परियोजना डी.एन. नगर (अंधेरी) से मंडाले तक जाएगी, जिसकी कुल लंबाई 23.45 किलोमीटर होगी। यह कॉरिडोर मेट्रो-1, मेट्रो-3, मेट्रो-4, मोनोरेल और हार्बर लाइन से जुड़ेगा।
इन दोनों मेट्रो लाइनों के शुरू होने से मुंबई में सफर पहले से तेज और आसान हो जाएगा। लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और रोजाना के सफर में समय की बचत होगी। इसके साथ ही, ईंधन की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी गिरावट आएगी, जो शहर के पर्यावरण के लिए अच्छी खबर है।







