नागपुर:नागपुर के गिट्टीखदान क्षेत्र में 14 वर्षीय अथर्व नानोरे हत्याकांड का पुलिस ने आखिरकार खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने फिरौती के इरादे से अपहरण कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस कमिश्नर रवींद्र कुमार सिंगल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में जय रामगोपाल यादव (19), केतन उर्फ कुणाल रमेश शाहू (22) और आयुष मोहन शाहू (19) शामिल हैं।
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी जय का अथर्व के परिवार से पहले से संपर्क था। उसे जानकारी थी कि अथर्व के पिता के पास आर्थिक रूप से अच्छी स्थिति है। इसी लालच में करीब एक महीने पहले तीनों आरोपियों ने अपहरण की साजिश रची।
योजना के तहत हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर अथर्व को बहाने से अपने साथ ले जाया गया। पहले से तैयार वाहन में बैठाकर उसे सुनसान इलाके में ले जाया गया, जहां उसे बेहोश कर फिरौती मांगने की योजना थी।
लेकिन जब अथर्व ने सवाल करने शुरू किए और नशीले स्प्रे का असर नहीं हुआ, तो घबराकर आरोपी जय ने दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए बोरे में भरकर भरतवाड़ा रेलवे क्रॉसिंग के पास पुल से नीचे फेंक दिया गया।
पूरे मामले का खुलासा एक सीसीटीवी फुटेज से हुआ, जिसमें जय और अथर्व साथ जाते हुए दिखाई दिए थे, लेकिन लौटते समय अथर्व नजर नहीं आया। इसी आधार पर पुलिस ने जय को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरी साजिश सामने आई।पुलिस के अनुसार आरोपी अथर्व के पिता से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले थे, लेकिन डर के कारण पहले ही हत्या कर दी। कर्ज में डूबे होने के कारण तीनों ने यह खौफनाक कदम उठाया।
इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने की। फिलहाल आगे की जांच जारी है।









