नागपुर के रेशीमबाग स्थित महात्मा फुले शिक्षण संस्था में 29 मार्च को सर्व जातीय एवं सर्वधर्मीय पुनर्विवाह परिचय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में तलाकशुदा, विधवा, विधुर, प्रौढ़ और दिव्यांग युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सामाजिक समरसता और पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस पहल को समाज के विभिन्न वर्गों से सराहना मिल रही है।
कार्यक्रम का आयोजन महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के सामाजिक समता और मानवता के विचारों से प्रेरित होकर किया गया। आयोजकों का उद्देश्य इन महान व्यक्तित्वों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना रहा। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रा. अरुण पवार ने की, जबकि उद्घाटन मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति किशोर रोही ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में धर्मदाय उपायुक्त किशोर मसने, पूर्व विधायक अशोकराव मानकर, गिरीष पांडव और शेखर सावरबांधे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान ‘पुनःर्रबंध’ नामक परिचय पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तिका में 410 विवाह इच्छुक युवक-युवतियों का पंजीकरण दर्ज किया गया, जबकि 82 प्रतिभागियों ने मंच पर आकर अपना परिचय प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रा. पंकज कुरलकर ने किया, जबकि प्रस्तावना कार्याध्यक्ष और संयोजक प्रकाश देवते ने रखी। आभार प्रदर्शन राजेंद्र पाटील ने किया।
इस आयोजन में संस्था के पदाधिकारी, समिति सदस्य और बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। इस पहल ने समाज में पुनर्विवाह के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का कार्य किया है। यह सम्मेलन न केवल विवाह इच्छुक लोगों के लिए एक मंच बना, बल्कि सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए समानता और मानवता का संदेश भी देने में सफल रहा।







