नागपुर में ध्वनि प्रदूषण पर प्रशासन सख्त, नियमों का पालन अनिवार्य
नागपुर:नागपुर में ध्वनि प्रदूषण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। माननीय उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ और पुलिस आयुक्त के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के अनुसार अब ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। इसी के तहत प्रशासन ने शहर की शांति समिति, महिला दक्षता समिति और मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, विहार तथा चर्च से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की।
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधियों को बताया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने वाले भोंगे और साउंड सिस्टम के संबंध में तय नियमों का पालन अनिवार्य होगा। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामला दर्ज किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले सात दिनों के भीतर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या विहार जैसे सार्वजनिक स्थलों पर खुले तौर पर भोंगे या साउंड सिस्टम नहीं लगाए जाएं, इसकी विशेष रूप से निगरानी की जाएगी। नागरिकों को दिखाई देने वाले स्थानों पर ऐसे उपकरण लगाने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
इसके अलावा शादी, पार्टियों और विभिन्न समारोहों के लिए भी साउंड सिस्टम के उपयोग को लेकर नियमों का पालन करना जरूरी होगा। कार्यक्रम आयोजकों को पुलिस की अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा और ध्वनि का स्तर निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर रखना होगा। प्रशासन ने सभी समितियों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम के नाम पर कानून का उल्लंघन न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन होता है तो न्यायालय के आदेशों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि सभी नागरिक और संस्थाएं इन निर्देशों का पालन करेंगी और शहर में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देंगी।









